दिलों में दरार
नफरत कि दीवार
मन में क्लेश; बढ़ता हुआ द्वेश
बटवारे कि उपज – एक से बने दो देश
ईंट का जवाब पत्थर
हालात हुए बद से बत्तर
डर और आतंक से माहौल बेहाल
चैन और सुकून का खौफनाक इंतकाल
मोम के मोर्चे और आपसी चर्चे
घिनौनि जातिय राजनीति के पर्छे
सुरक्षा एवं सेना के बजट में इज़ाफा
बम बन्दूक और मौत के सौदागरों का मुनाफ़ा
हर मुश्किल होता है हल
उपाय है सीधा और सरल
भुला दें अगर बीता हुआ कल
मुस्कुराएंगे हमारी नस्लें और आनेवाला कल

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